खगड़िया नगर परिषद में 10 वर्षों तक फर्जी डिग्री पर जेईई की नौकरी! बर्खास्त रोशन कुमार की पोल खुली,नगर परिषद बना था भ्रष्टाचार का अड्डा…

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खगड़िया नगर परिषद में 10 वर्षों तक फर्जी डिग्री पर जेईई की नौकरी! बर्खास्त रोशन कुमार की पोल खुली,नगर परिषद बना था भ्रष्टाचार का अड्डा…

प्रवीण कुमार प्रियांशु।खगड़िया

खगड़िया नगर परिषद में अब तक की सबसे बड़ी नियुक्ति घोटाले का खुलासा हुआ है। फर्जी डिप्लोमा डिग्री के सहारे पिछले 10 वर्षों से कनीय अभियंता (जेईई) के पद पर कार्यरत रोशन कुमार की डिग्री बिहार राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने पूरी तरह फर्जी और जाली घोषित कर दी है। इस खुलासे के बाद से नगर परिषद कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया है।

जिन शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के आधार पर रोशन कुमार वर्ष 2014 से 2025 तक नगर परिषद में जेईई के पद पर कार्यरत रहे, वे प्रमाण-पत्र पूरी तरह नकली पाए गए हैं। यह जानकारी नगर सभापति अर्चना कुमारी द्वारा डिग्री सत्यापन के लिए भेजे गए आवेदन पर तकनीकी शिक्षा बोर्ड से प्राप्त हुई। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने वर्षों तक एक फर्जी अभियंता कैसे बिना किसी रोक-टोक के नगर परिषद में सेवा करता रहा?

विज्ञापन रद्द, फिर भी मिली नौकरी — नियमों को रौंदकर हुई बहाली…

रोशन कुमार की नियुक्ति की कहानी भी किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है। वर्ष 2013 में नगर परिषद खगड़िया ने कनीय अभियंता की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला था, जिसमें रोशन ने आवेदन दिया था। लेकिन बाद में बोर्ड की बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी।इसके बावजूद, तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष और कुछ अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर वर्ष 2014 में सशक्त स्थायी समिति के अनुमोदन से रोशन कुमार को मात्र ₹1100 प्रतिदिन के मानदेय पर नियुक्त कर लिया। समय के साथ उनका मानदेय ₹22,000 मासिक तक पहुंच गया और वह लगातार एक दशक तक कार्यरत रहे।

बर्खास्तगी के बाद कोर्ट गए, वहीं हुआ भंडाफोड़…

जब वर्तमान सभापति अर्चना कुमारी और नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति ने रोशन कुमार को बर्खास्त करने की अनुशंसा की तो उन्होंने अपने बचाव में न्यायालय की शरण ली। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ लिया। डिग्री की वैधता पर उठते सवालों के बीच सभापति द्वारा तकनीकी शिक्षा बोर्ड से कराई गई जांच में सामने आया कि उनके सभी प्रमाण-पत्र फर्जी हैं।

“लूट का अड्डा बना दिया था नगर परिषद” – अर्चना कुमारी…

सभापति अर्चना कुमारी ने स्पष्ट आरोप लगाते हुए कहा कि “पूर्व अध्यक्ष और कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत कर रोशन कुमार की नियुक्ति मनमाने तरीके से की थी। एक फर्जी अभियंता ने नगर परिषद को अपनी लूट का अड्डा बना दिया था। हमने उनकी बर्खास्तगी की और सत्यापन में उनकी डिग्री भी फर्जी साबित हो गई।”

एफआईआर की मांग तेज, उपसभापति ने की सख्त कार्रवाई की वकालत…

नगर परिषद की उपसभापति शबनम जबीन ने कहा, “यह केवल एक फर्जी नियुक्ति नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था और जनधन की खुली लूट है। रोशन कुमार पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा जिन अधिकारियों ने बहाली में सहयोग किया, उन्हें भी जांच के घेरे में लाया जाए।”

प्रशासन के लिए चुनौती: सिर्फ रोशन नहीं, और भी फर्जी नियुक्तियां?

इस मामले ने नगर परिषद की पूरी बहाली प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आशंका गहराती जा रही है कि क्या रोशन कुमार अकेले थे या ऐसे और भी फर्जी डिग्रीधारी नगर परिषद में वर्षों से सेवा कर रहे हैं?अब यह खगड़िया जिला प्रशासन और नगर विकास विभाग के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गई है।

मुख्य बिंदु एक नजर में:

 10 वर्षों तक फर्जी डिग्री पर नगर परिषद में जेईई की नौकरी…

डिप्लोमा प्रमाण-पत्र जाली, तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने किया खुलासा…

नियमों को ताक पर रखकर मनमानी बहाली, पदाधिकारी जांच के घेरे में…

न्यायालय में मामला जाते ही डिग्री जांच कराई गई, खुल गई पोल…

सभापति और उपसभापति ने की कड़ी कार्रवाई की सिफारिश…

 एफआईआर और विभागीय जांच की मांग जोरों पर…

क्या रोशन कुमार की बर्खास्तगी भर से खत्म हो जाएगा यह फर्जीवाड़ा?

या फिर होगी एक व्यापक जांच जिससे अन्य दोषी भी होंगे बेनकाब?

अब खगड़िया की जनता चाहती है न्याय और पारदर्शिता।

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